हम सभी भारत महान , हिंदुस्तान जिंदाबाद , भारत माता की जय जैसे नारे लगा कर खुश हो जाते हैं ,
अक्सर मीडिया हमें रंगीन ख़्वाबों में डुबोये रहती है , आज सेंसेक्स इतने प्वाइंट ऊपर चढ़ा , G D P बढ़ रहा है, बस हम महा शक्ति बनने वाले हैं , सभी देशों को पछाड़ देंगे ,
किन्तु वास्तव में हम हिन्दुस्तानी कहाँ खड़े हैं , हम जब सुबह उठते है कोई न कोई घोटाला हमारा प्रतीक्षा कर रहा होता है , वर्ष 2003 में भारत में लगभग 8% की दर से आर्थिक वृद्धि हुई है जो कि विश्व की सबसे तीव्र बढती हुई अर्थव्यवस्थओं में से एक है। परंतु प्रतिव्यक्ति आय क्रयशक्ति की दर से मात्र 3262 अमेरिकन डॉलर है जो कि विश्व बैंक के अनुसार १२५वें स्थान पर है।
आये दिन आपको समाचार मिल जायेगा आज इतने किसानो ने आत्महत्या की ,कहीं नक्सलवाद कहीं माओवाद , कही आतंकवाद , सभी हिंदुस्तान को चोट पहुचाने में लगे हुए हैं .
आप किसी भी सरकारी विभाग में काम के सिलसिले में जाइए ,आप की अकल ठिकाने आजायेगी . कही भी बिना घूस- रिश्वत के आप तो पहले किसी सरकारी बाबू से मिल नहीं पाओगे अगर कई कठिनाइयों के पश्चात् अगर भेंट हो भी गयी तो बिन घूस सब सून नज़र आएगा ,
यहाँ तक की हम सब के खून में ये घूस प्रवेश कर गया है और हमारा एक अंग बन गया है ,
कोई पूल, सड़क , ओवरब्रिज , नाली, नाला, नहर या कुछ भी सरकारी खर्च पर बने, बनने से पहले सभी को अपना अपना हिस्सा मिल जाता है ,
इन भ्रष्ट लोगों को केवल मौका दे कर तो देखो ये टूट नहीं लूट पड़ेंगे , अधिक से अधिक कोई क्या कर लेगा इनका , . वर्षों जांच होगी , मुकदमा चलेगा , तब तक इनके स्विस अकाउंट में पैसे पहुँच गए होंगे , और इनकी संतान मौज करेगी भाड़ में जाये हिंदुस्तान की जनता , इनके ठेंगे से , यही इनकी सोच है , आगे कोई और इस से बड़ा घोटाला हो जायेगा , जनता इनको भूल जाएगी ,
85 % मुजरिम , घोटालेबाज, बलात्कारी, हत्यारे , इसी सफेदपोश के वर्ग से आते है .
कभी बोफोर्स घोटाला, चारा घोटाला , ताबूत घोटाला , हवाला कांड, केतन मेहता का शेयर घोटाला , तेलगी का स्टाम्प पेपर घोटाला , ताज कारीडोर घोटाला ,सत्यम घोटाला, नटवर सिंह का Oil-for-food programme घोटाला ,मधु कोड़ा द्वारा 4000 करोड़ .रूपये का घोटाला ,2G Spectrum घोटाला ,MIG-Fighter Jets घोटाला , IPL घोटाला और अभी ताज़ा ताज़ा दो घोटाला , कॉमन वेल्थ गेम घोटाला , मुंबई का आदर्श घोटाला , को कैसे भूल सकते हैं , ये लिस्ट इतनी लम्बी है की एक पूरा का पूरा ब्लॉग ही इस के लिए बनाना पड़ जायेगा ,
इन नेताओं , अफसरों ने या कहिये जिसको भी लूटने का मौका मिला वो चौका मारने से नहीं चूका , यहाँ तक की आम हिन्दुस्तानी की आज महंगाई से कमर टूट गयी है पर इन को अनाज सड़ाने और खेल खेलाने से फुर्सत नहीं , हज़ारो करोड़ रूपये खेल के नाम पर और झूठे शान -शौकत के नाम पर पानी की तरह बहा दिया , उन्हें आत्महत्या करते किसानो और लोगों की चिंता नहीं , लोगों की औने पौने दाम में ज़मीन छीन ली जा रही है इसकी चिंता नहीं , इन्होने हमारे देश को इतना जम कर लूटा खसोटा है की आज हमसे छोटे - छोटे देश जिनकी पहले कोई पहचान न थी जीनके के पास कोई विशेष साधन न थे हमारे देश से बहुत आगे निकल गए हैं ,और हम इंडिया शाइनिंग का ढिंढोरा पिटते रह गए , आज हिंदुस्तान कराह रहा है लेकिन कोई उसका पुरसाने हाल नहीं
कभी कभी तो ऐसा लगता है की अगर मीडिया और अदालत न हो तो ये नेता परेता देश को ही बेच दें और हमें पता भी न चले .
आज हम अपने देश की बागडोर धीरे धीरे मफिआयों, गुंडों के हाथ में देते जा रहे हैं , आखिर हम कब होश में आएंगे कब ?
इन सभी हालात को
सुरिंदर नारंग जी ने क्या खूब अच्छे अंदाज़ में पेश किया है
घोटाला एक नहीं , घोटाले हजारों हो गए ,
रिश्वत के आंकड़े , भी बहुत ज्यादा हो गए .
वक्त ने ली , कुछ इस तरह अंगड़ाई ,
जो कभी थे अभियुक्त ,आज नेता हो गए .
पशुओं का चारा हो , या हो खेल मैदान ,
सभी जगह रिश्वत खोरी , रिश्वत ही भगवान् .
नेता तो नेता , अफसर भी धनवान हो गए ,
शिक्षा के मंदिर , भी बदनाम हो गए .
जिस के पास है पैसा , वो इज्ज़तदार हो गए ,
संस्कृति की धरोहर वाले , कर्जदार हो गए .
पड़ोस के देशों को ,मालूम है हमारी कमजोरी ,
कल तक जो दबंग थे , आज पहेलवान हो गए .
आतंकवाद चारो ओर , नहीं शांति का नाम ,
यही तो है विशेषता , मेरा भारत महान .
(
सुरिंदर नारंग )
तौसीफ हिन्दुस्तानी (dabirnews.blogspot.com )